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CCSU Exam 2021 : चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में दो जुलाई से वार्षिक मुख्य परीक्षा और आठ जुलाई से अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी। स्नातक रेगुलर-प्रावइेट और पीजी प्राइवेट प्रथम वर्ष में छात्र-छात्राओं को बिना पेपर अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। सभी परीक्षाएं सुबह 7.30 से नौ, 10 से 11.30, 12.30 से दो और 3.30 से पंच बजे तक चार पालियों में डेढ़ घंटे की होंगी। वार्षिक परीक्षा में अंतिम वर्ष के पेपर ऑब्जेक्टिव पैटर्न पर ही होंगे, जबकि स्नातक द्वितीय वर्ष में विस्तृत उत्तरीय पेपर रहेंगे। अंतिम सेमेस्टर में परीक्षा पैटर्न भी पूर्व की भांति रहेगा। परीक्षा में पूर्व प्रकाशित प्रश्नपत्र प्रयुक्त होंगे। हालांकि इनमें से छात्रों को कितने प्रश्न करने होंगे, यह डीन की समिति तय करेगी। वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षा कार्यक्रम आज यूनिवर्सिटी वेबसाइट से डाउनलोड किए जा सकेंगे। कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई परीक्षा समिति की बैठक में उक्त निर्णय हुआ।

ढाई लाख छात्रों को देनी होंगी विश्वविद्यालय की परीक्षाएं
विश्वविद्यालय के इस फैसले से डेढ़ लाख छात्रों को द्वितीय वर्ष और अगले सेमेस्टर में प्रमोशन मिल जाएगा, जबकि ढाई लाख स्टूडेंट को परीक्षाएं देनी होंगी। यूजी रेगुलर-प्राइवेट और पीजी प्राइवेट प्रथम वर्ष में सबको बिना परीक्षा प्रमोशन मिल जाएगा।

किनकी परीक्षा, किन्हें प्रमोशन, यह है फॉर्मूला
विश्वविद्यालय के अनुसार, जिन छात्रों को पिछले वर्ष प्रथम वर्ष में प्रमोशन मिला और वे इस वक्त द्वितीय वर्ष में हैं, उन सबको इस वर्ष के पेपर देने होंगे। अंतिम वर्ष की परीक्षाएं सभी विषयों की होंगी। यूजी-पीजी सेमेस्टर सिस्टम में अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं होंगी लेकिन बाकी सेमेस्टर में जिन छात्रों के दिसंबर में विषम सेमेस्टर के पेपर हो चुके हैं, उन्हें विषम सेमेस्टर के नंबरों के आधार पर सम सेमेस्टर के अंक दे दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय अंतिम सेमेस्टर को छोड़ बाकी किसी भी सम सेमेस्टर की परीक्षा नहीं कराएगा। सेमेस्टर सिस्टम में तीन वर्षीय स्नातक कोर्स में छठा, चार वर्षीय कोर्स में आठवें और पांच वर्षीय कोर्स में दसवें सेमेस्टर के पेपर होंगे। वार्षिक प्रोफेशनल कोर्स में भी जिन छात्रों को प्रथम वर्ष में प्रमोशन मिला है, उन्हें द्वितीय वर्ष के पेपर देने होंगे। अंतिम वर्ष के सबसे पेपर होंगे। पीजी में चौथे सेमेस्टर के पेपर होंगे।

जिनमें प्रथम सेमेस्टर के पेपर नहीं हुए, उनके होंगे
प्रथम सेमेस्टर के आधार पर ही दूसरे सेमेस्टर के नंबर मिलने हैं। ऐसे में एलएलबी और एलएलएम प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के मन में सवाल उठेगा कि वे कैसे प्रमोट होंगे। विश्वविद्यालय के अनुसार सेमेस्टर में जिन छात्रों के दिसंबर में प्रथम सेमेस्टर के पेपर नहीं हो पाए थे, उनकी परीक्षा होगी। ऐसे छात्रों को केवल प्रथम सेमेस्टर के पेपर देने होंगे। इसमें प्राप्त अंकों से द्वितीय सेमेस्टर में भी प्रमोशन मिल जाएगा और तृतीय सेमेस्टर में पहुंच जाएंगे। एलएलबी-एलएलएम में देरी से प्रवेश होने से प्रथम सेमेस्टर के पेपर नहीं हो सके थे। बाकी कोर्स में भी यदि प्रथम सेमेस्टर के एग्जाम नहीं हो पाए थे तो उन्हें भी ये पेपर देने होंगे।

एक्स या बैक केवल फाइनल के, बाकी की विशेष परीक्षा
रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार के अनुसार जुलाई में प्रस्तावित परीक्षा में केवल फाइनल ईयर या फाइनल सेमेस्टर के एक्स या बैक छात्र-छात्राओं के ही पेपर होंगे। जिन छात्रों ने अन्य वर्ष या सेमेस्टर का एक्स या बैक फॉर्म भरा है, उनके पेपर अभी नहीं होंगे। यही स्थिति वार्षिक परीक्षा में भी लागू होगी। जुलाई में केवल फाइनल इयर एक्स-बैक के ही पेपर होंगे। बाकी वर्ष या सेमेस्टर के एक्स या बैक स्टूडेंट की अक्तूबर में विशेष परीक्षा होगी। इस परीक्षा में जुलाई के परिणाम से असंतुष्ट छात्र भी शामिल हो सकेंगे, लेकिन शर्त यह होगी कि जो नंबर विशेष परीक्षा में आएंगे, वही मान्य होंगे।

मेडिकल की परीक्षाएं भी जुलाई में
विश्वविद्यालय में एमबीबीएस, एमडी, एमएस कोर्स में लंबित परीक्षाएं भी जुलाई में होंगी। विश्वविद्यालय ने पूर्व में यह परीक्षाएं शुरू कराई थी, लेकिन संक्रमण के चलते स्थगित करनी पड़ी। विश्वविद्यालय अब इनके पेपर जुलाई में कराएगा। दस जुलाई से पेपर कराने की तैयारी है।

कोरोना से पेपर नहीं देने वालों को मौका
जो छात्र कोरोना के चलते जुलाई में प्रस्तावित परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते, उन्हें अतिरिक्त मौका दिया जाएगा। ऐसे छात्र बाद में पेपर दे सकेंगे लेकिन यह छूट केवल कोरोना संक्रमण की स्थिति में ही मिलेगी।

इस साल प्रैक्टिकल नहीं, वायवा ऑनलाइन
यूजी-पीजी कोर्स में इस साल प्रैक्टिकल नहीं होंगे। थ्योरी के आधार पर ही छात्रों को प्रैक्टिकल के अंक मिलेंगे। हालांकि छात्र-छात्राओं को वायवा ऑनलाइन देना होगा। पीजी प्राइवेट और यूजी के कुछ कोर्स में वायवा की व्यवस्था है। विश्वविद्यालय के अनुसार, वायवा केवल ऑनलाइन ही कराया जाएगा।

नए सत्र से प्रैक्टिकल के अंक केवल ऑनलाइन
विश्वविद्यालय ने प्रैक्टिकल के अंक कार्ड कॉपी में कैंपस में जमा कराने पर रोक लगा दी है। रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार के अनुसार, सत्र 2021 से कॉलेजों को समस्त विषयों के प्रैक्टिकल अंक केवल पोर्टल पर ऑनलाइन ही भेजने होंगे। कॉलेजों के ऑफलाइन अंक स्वीकार नहीं होंगे। यह व्यवस्था पूरी तरह से बंद कर दी गई है। केवल ऑनलाइन अंक ही माने जाएंगे।

यह रहे मौजूद
बैठक में प्रोवीसी प्रो. वाई विमला, वित्त अधिकारी सुशील कुमार गुप्ता, प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. विजय जायसवाल, सहायक कुलसचिव कमल कृष्णा, सहायक कुलसचिव परीक्षा सत्यप्रकाश, डॉ. अंजलि मित्तल, डॉ. एमके जैन, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. दिव्य नाथ, डॉ. मोनिका सिंह और प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता मौजूद रहे। 



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