<p>पिछले हफ्ते तक एशिया के दूसरे सबसे अमीर अरबपति गौतम अडानी, मुकेश अंबानी को पछाड़कर एशिया के सबसे अमीर बनने की राह पर थे. वहीं अब वैश्विक संपत्ति रैंकिंग में उनका सपना राष्ट्रीय शेयर डिपॉजिटरी (NSDL) द्वारा विदेशी निवेशकों के खातों को फ्रीज करने की रिपोर्ट के बाद लड़खड़ा दिख रहै है. वहीं, अदाणी समूह में निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ.</p>
<p>बता दें, ये बात साफ करने के के बाद भी कि NSDL ने अडानी फर्मों में अपतटीय निवेशकों के खातों को फ्रीज नहीं किया है निवेशकों ने उनके शेयरों को गिराना जारी रखा. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार अदानी ने इस सप्ताह $ 11 बिलियन से अधिक पैसे को खो दिया.</p>
<p>बताते चले, इस महीने की शुरुआत तक, गौतम अदानी सबसे तेजी से बढ़ते अरबपतियों में से एक थे. जानकारी के मुताबिक उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लक्जरी सामान निर्माता एलवीएमएच मोएट हेनेसी लुई वीटन के अध्यक्ष, फ्रांसीसी टाइकून बर्नार्ड अरनॉल्ट के बाद दुनिया में किसी और की तुलना में अधिक पैसा जोड़ा है.</p>
<p>अडानी की कुल संपत्ति 8 जून तक 78.6 बिलियन डॉलर आंकी गई थी, जो 18 जून तक 11 बिलियन डॉलर गिरकर 67.6 बिलियन डॉलर हो गई थी. फिर भी, अडानी 2021 की शुरुआत से अपनी संपत्ति को दोगुना से अधिक करने में कामयाब रहे.</p>
<p><strong>शेयर्स में गिरावट</strong></p>
<p>अडानी फर्मों के 6 शेयरों में पिछले एक सप्ताह में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है. जिनमें से अधिकांश ने 52 सप्ताह के उच्च स्तर को छुआ. अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और एपीएमएस इन्वेस्टमेंट फंड की बड़ी हिस्सेदारी से लगभग 43,600 करोड़ रुपये के अदानी की फर्मों के शेयर हैं साथ ही अदानी समूह की कंपनियों में प्रबंधन के तहत उनकी 90% से अधिक संपत्ति है.</p>
<p>अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर शुक्रवार को 1487.8 रुपये पर आ गए. जो 7 जून को 52 सप्ताह के 1718 रुपये के उच्च स्तर से थे. अदानी पोर्ट और एसईजेड के शेयर 9 जून को 901 रुपये से गिरकर 695 रुपये पर आ गए हैं.</p>
<p>इसी तरह, अदानी पावर के शेयर शुक्रवार को अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर 167.5 रुपये से 9 जून को गिरकर 114.9 रुपये पर आ गए. जबकि अदानी ट्रांसमिशन के शेयर शुक्रवार को 7 जून को 1647 रुपये से गिरकर 1236 रुपये पर आ गए.</p>
<p>अदानी ग्रीन एनर्जी के शेयर शुक्रवार को 7 जून को 1265 रुपये से गिरकर 1063 रुपये पर आ गए थे जबकि अदानी टोटल गैस लिमिटेड के शेयर 11 जून को 1626 रुपये से गिरकर 1258 रुपये पर आ गए.</p>
<p><strong>अदानी समूह ने किया स्पष्टीकरण</strong></p>
<p>सोमवार को अडानी समूह के शेयरों में गिरावट शुरू होने के तुरंत बाद समूह ने स्पष्ट किया कि विदेशी निवेशकों के खातों को फ्रीज करने की खबरें "स्पष्ट रूप से गलत" हैं. उन्होंने कहा यह "निवेशक समुदाय को जानबूझकर गुमराह करने के लिए किया गया था."</p>
<p>अदाणी समूह ने 14 जून के एक बयान में कहा, ये विदेशी फंड "अडानी एंटरप्राइजेज में एक दशक से अधिक समय से निवेशक हैं." "हम अपने सभी हितधारकों से बाजार की अटकलों से परेशान नहीं होने का आग्रह करते हैं."</p>
<p>अडानी समूह की कंपनियों ने रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट से लिखित पुष्टि को भी साझा किया और कहा कि, अपतटीय फंड के डीमैट खाते जिनमें अदानी के शेयर थे, "फ्रीज नहीं हुए हैं." हालांकि निवेशक इस पूरे हफ्ते अदानी के शेयरों में बेचते रहे.</p>
<p>बता दें, शुक्रवार को, अदानी एंटरप्राइजेज के शेयर 8.76% बढ़कर 1487.85 रुपये पर बंद हुए. अदानी पोर्ट और एसईजेड के शेयर 7.39% बढ़कर 694.60 रुपये पर बंद हुए. जबकि अदानी पावर के शेयरों में गिरावट दर्ज हुई और 114.9 रुपये पर बंद हुआ. वहीं अदानी ट्रांसमिशन 1235.9 रुपये पर गिरकर बंद हुआ. अदानी ग्रेन एनर्जी 1062.75 रुपये पर गिरकर बंद हुआ और अदानी टोटल गैस लिमिटेड के शेयर 5% की गिरावट के साथ 1258 रुपये पर बंद हुए.</p>
<p><strong>खराब विश्लेषक कवरेज</strong></p>
<p>पिछले सप्ताह तक 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का संयुक्त बाजार पूंजीकरण होने के बावजूद, अदाणी समूह की छह कंपनियों में अदानी पोर्ट और एसईजेड को छोड़कर बहुत कम या कोई विश्लेषक कवरेज नहीं था. आश्चर्यजनक रूप से, अदाणी समूह की सबसे मूल्यवान फर्म, अदानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड, एक पूंजी बाजार अंतर्दृष्टि फर्म ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के अनुसार, कोई विश्लेषक कवरेज नहीं था. कुछ ब्रोकरेज प्रमुख फर्म अदानी एंटरप्राइजेज और अदानी टोटल गैस लिमिटेड को ट्रैक करते हैं, जबकि दो दर्जन से अधिक ब्रोकरेज अदानी पोर्ट और एसईजेड को ट्रैक करते हैं.</p>
<p><strong>अदानी की जगह किसने ली?</strong></p>
<p>अडानी के भाग्य में गिरावट ने चीन के झोंग शानशान को $ 69.4 बिलियन की कुल संपत्ति के साथ मुकेश अंबानी के बाद दूसरे सबसे अमीर एशियाई बना दिया था. बोतलबंद पानी की कंपनी नोंगफू स्प्रिंग के चेयरमैन शानशान इस साल 8.8 अरब डॉलर के नुकसान के बावजूद अब दूसरे सबसे अमीर एशियाई हैं. इसके पीछे की वजह ये कि अदानी ने पिछले एक हफ्ते में काफी ज्यादा पैसा गंवा दिया. साथ ही, अदानी के नुकसान ने एशिया के सबसे अमीर मुकेश अंबानी के साथ अंतर को और बढ़ा दिया. जिनकी कुल संपत्ति 84.5 बिलियन रुपये है, जिससे वह ब्लूमबर्ग अरबपति सूची में 12 वें सबसे अमीर हैं.</p>



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