delhi riots case former student of jnu umar khalid arrested 1600024182


दिल्ली दंगों में आरोपी जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद व खालिद सैफी को हथकड़ी में पेश करने की दिल्ली पुलिस की याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा है कि आरोपी गैंगस्टर नहीं हैं। पेशी के दौरान उनसे किसी तरह का खतरा नहीं है। फिर उन्हें हथकड़ी लगाने की जरुरत क्या है।

कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव की अदालत के समक्ष दिल्ली पुलिस की तरफ से याचिका दायर की गई थी। पुलिस का कहना था कि इन दोनों आरोपियों को हथकड़ी लगाकर पेश करने की अनुमति दी जाए। पुलिस का कहना था कि ये दोनों उच्च जोखिम वाले कैदी हैं। अदाल ने पुलिस की दलील को खारिज करते हुए कहा कि यह याचिका तकनीकी आधार पर उचित नहीं है। अदालत ने कहा कि ये दोनों कैदी ना तो पूर्व में किसी आपराधिक मामले में आरोपी हैं और ना गैंगस्टर हैं।

अदालत ने यह भी कहा कि वैसे भी यह याचिका इस स्तर पर कोई मायने नहीं रखती। क्योंकि फिलहाल कोविड-19 की वजह से अदालतों में किसी भी मामले के आरोपियों की प्रत्यक्ष पेशी नहीं हो रही है। सभी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया जा रहा है। ऐसे मे इस तरह की याचिका को पेश करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

अदालत ने यह भी कहा कि हाल-फिलहाल में अदालतों में पूर्व की तरह सुनवाई शुरु होने की कोई संभावना भी नजर नहीं आ रही है। इसलिए अदालत तमाम तथ्यों को ध्यान में रखते हुए पुलिस की याचिका को नामंजूर करती है। ज्ञात रहे कि गत वर्ष उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के साम्प्द्रायिक दंगों के मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद व खालिद सैफी पर आप के पूर्व पार्षद के साथ मिलकर शाहीन बाग में दिल्ली में दंगों की साजिश रचने का आरोप है।



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