west bengal governor jagdeep dhankhar 1596170776


पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और राज्य सरकार के बीच बुधवार को एक बार फिर टकराव देखने को मिला। राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने चुनाव के दौरान और इसके बाद हिंसाग्रस्त रहे कूचबिहार जाने का ऐलान किया तो ममता सरकार को यह नागवार गुजरा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के दौरे को नियमों और प्रोटोकॉल के खिलाफ बताया तो धनखड़ ने आपत्तियों को दरकिनार करते हुए कहा है कि वह अपना काम कर रहे हैं। कूच बिहार में 10 अप्रैल को मतदान के बीच सीआईएसएफ की गोलीबारी में चार ग्रामीण मारे गए थे।

बंगाल पुलिस इस घटना की जांच कर रही है। उसी दिन शीतलकुची में एक नौजवान की भी हत्या कर दी गई थी। धनखड़ ने ऐलान किया किय वह बीएसएफ के हेलिकॉप्टर से कूच बिहार जाएंगे और सीतलकूची सहित चार विधानसभा क्षेत्रों में स्थानीय लोगों से मुलाकात करेंगे। 

अपने दौरे का ब्योरा सार्वजनिक करते हुए बुधवार को राज्यपाल ऑफिस की ओर ट्वीट किया गया, ”पश्चिम बंगाल के गवर्नर 13 मई को बीएसएफ के हेलिकॉप्टर से कूचबिहार जाएंगे और चुनाव बाद हुई हिंसा के प्रभावितों से मुलाकात करेंगे।” ममता बनर्जी को टैग करते हुए लिखा गया कि राज्यपाल माथाभंगा, सीतलकूची, सिताई और दिनहाटा जाएंगे। राज्यपाल सीबी सर्किट हाउस में लोगों और मीडिया से मिलेंगे।

धनखड़ ने यह भी घोषणा की है कि शुक्रवार को वह असम जाएंगे जहां बीजेपी के मंत्रियों ने दावा किया है कि उत्तरी बंगाल में हिंसा से बचने के लिए बहुत से लोगों ने वहां शरण ली है। 2 मई को चुनावी नतीजों के ऐलान के बाद पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हिंसा हुई है। चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटों पर जीत हासिल की तो बीजेपी को 77 सीटें मिली हैं। कूच बिहार और उत्तर बंगाल के दूसरे जिलों में बीजेपी ने 54 में से 30 सीटों पर कब्जा किया। टीएमसी ने दक्षिण बंगाल में अच्छा प्रदर्शन किया।  

बुधवार शाम बनर्जी ने धनखड़ को लेटर लिखा और नियमों-प्रावधानों का हवाला देते हुए उनके दौरे पर आपत्ति जताई। ममता ने लिखा, ”मुझे सोशल मीडिया से पता चला है कि आप 13 मई को कूच बिहार जा रहे हैं। दुखद, मैं इसेकई दशकों में विकसित और लंबे समय से चले आ रहे मानदंडों का उल्लंघन पाती हूं। इसलिए मैं उम्मीद करूंगी कि आप प्रोटोकॉल का पालन करेंगे, जैसा कि ऊपर कहा गया है, और क्षेत्र के दौरों के संबंध में अचानक लिए गए फैसलों से बचेंगे।” 

ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के गृह मंत्रालय की ओर से 1990 में बनाए गए प्रोटोकॉल्स का हवाला दिया है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के गृह विभाग की प्रोटोकॉल नियमावली का संदर्भ दिया जिनके अनुसार राज्यपाल के दौरों को सरकार से आदेश लेने के बाद राज्यपाल के सचिव द्वारा अंतिम रूप दिया जाता है। ममता बनर्जी ने राज्यपाल की ओर से पुलिस अधिकारियों और नौकरशाहों से चुनाव बाद हिंसा पर रिपोर्ट मांगे जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने 26 सितंबर 2020 को लिखे लेटर का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों को दरकिनार करते हुए सीधे अधिकारियों को निर्देश ना दिया जाए। उन्होंने एक बार फिर राज्यपाल को ऐसा ना करने की सलाह दी।

रात करीब 8:30 बजे राज्यपाल ने दो ट्वीट के जरिए ममता बनर्जी के खत का जवाब दिया। उन्होंने लिखा, ”ममता बनर्जी को उत्तर देते हुए उनसे अपील की है कि अपने रुख पर फिर से गौर करें और उस संविधान के प्रति प्रतिबद्ध रहें, जिसके शपथ से वह ऐसा करने को बाध्य हैं। यह समय लोगों संकट के समाधान का है जिनका वह सामना कर रहे हैं। उन्हें मैंने संवैधानिक मापदंडों के भीतर मेरे पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।”

अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, ”अनुच्छेद 159 के तहत संविधान कहता है कि मैं अपनी क्षमता के अनुसार संविधान, कानून के संरक्षण, रक्षा और बचाव के लिए सर्वश्रेष्ठ करूंगा और पश्चिम बंगाल के लोगों की भलाई और सेवा के लिए खुद को समर्पित करूंगा। मेरे वह सब करूंगा जिसकी उम्मीद मेरे शपथ से है।”
 





Source link

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *