sania mirza photo credit instagram 1566288925


भारत की स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। छह बार की ग्रैंड स्‍लैम विजेता सानिया आज लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं। हालांकि उनकी जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया, जब वे बेहद टूट गई थीं। उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि कलाई की चोट के कारण 2008 बीजिंग ओलिंपिक से बाहर होने के बाद वे डिप्रेशन में चली गई थीं। उन्होंने कहा कि, ‘कलाई की चोट के कारण बीजिंग ओलंपिक 2008 से बाहर होने के बाद मैं करीब 3-4 महीने तक डिप्रेशन में रही थीं। मैं बिल्कुल ठीक हुआ करती थी और फिर मेरे आंखों में आंसू आ जाते थे।’

सानिया ने यूट्यूब चैनल ‘माइंड मैटर्स’ के लेटेस्ट एपिसोड में कहा कि, ‘मुझे इस बात को पचा पाना बेहद मुश्किल था कि मैं बीजिंग ओलंपिक में नहीं खेल पाउंगी। मुझे याद है कि मैं एक महीने तक खाना खाने के लिए भी बाहर नहीं आई थी। मुझे लगा कि अब मैं दोबारा टेनिस नहीं खेल पाउंगी। मैं थोड़ा आपे से बाहर थी, इसलिए मेरे लिए अपनी शर्तों पर कुछ कर पाना बहुत मुश्किल था।’

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मुश्किल समय में परिवार ने दिखाई सही दिशा

सानिया मिर्जा कहती हैं कि, ‘उस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार वालों ने उन्हें सही दिशा दिखाई। मैं पूरी तरह से टूट गई थी। इसके बाद मेरी सर्जरी हुई और तब और ज्यादा बुरा हुआ जब मुझे लगा कि मैंने खुद को अपने परिवार को नीचे दिखाया है। मुझे लगा कि मैंने अपने देश का मान गिराया है क्योंकि मैं ओलंपिक से बाहर हो गई हूं।’ सानिया मानती हैं कि उस मुद्दे पर लोगों से बात करके उन्हें इस परेशानी से निकलने में मदद मिली।

बता दें कि सानिया मिर्जा ने इसी साल मार्च में डब्ल्यूटीए सर्किट में जीत के साथ वापसी की थी। यह सानिया का पिछले 12 महीने में पहला प्रतिस्पर्धी मुकाबला था।तब उन्होंने स्लोवाकिया की अपनी जोड़ीदार आंद्रेजा क्लेपैक के साथ मिलकर नादिया किचेनोक और ल्युडमाइला किचेनोक की यूक्रेन की जोड़ी को हराकर कतर टोटल ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला युगल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।

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