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खेल मंत्री कीरेन रीजीजू ने रविवार को भरोसा दिलाया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान घर का खर्च चलाने के लिए मजबूरी करने वालीं फुटबॉलर संगीता सोरेन की खेल मंत्रालय मदद करेगा। संगीता पिछले साल ही नेशनल टीम का हिस्सा बनीं थीं। कोरोना वायरल के चलते लगे लॉकडाउन के मुश्किल समय में उनको दिहाड़ी मजबूर के तौर पर काम करना पड़ा था। संगीता अंडर 19 टूर्नामेंटों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

 

रीजीजू ने ट्वीट किया, ” मुझे फुटबॉलर संगीता सोरेन के बारे में सूचित किया गया है, जिन्होंने इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है और इस महामारी में वित्तीय संकट में हैं। मेरे कार्यालय ने उनसे संपर्क किया है और जल्द ही वित्तीय मदद दी जाएगी। खिलाड़ियों के लिए सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।’ पिछले साल उनको सीनियर टीम में चुना गया था। वह धनबाद जिले के बांसमुंडी गांव में ईट-भट्टे पर काम कर रही हैं। गीता को आयु-वर्ग के टूर्नामेंटों में प्रभावी प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के लिए चुना गया था लेकिन नेशनल टीम के लिए खेलने का उनका सपना पूरा होता इससे पहले ही महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लागू हो गया।

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नेशनल महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उनके संघर्षों को देखते हुए झारखंड सरकार को पत्र लिखकर राज्य से इस इंटरनेशनल फुटबॉलर को मदद और समर्थन देने की मांग की है। एनसीडब्ल्यू के पत्र की एक प्रति अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल को भी भेजी गई है। आर्थिक तंगी के बाद भी संगीता ने फुटबॉल के सपने को नहीं छोड़ा है और वह नियमित रूप से पास के मैदान में अभ्यास करती है। संगीता के पिता नेत्रहीन हैं और उनका बड़ा भाई रोजगार पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। 
 

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