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भारत की 1962 एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल विजेता टीम का हिस्सा रहे पूर्व फुटबॉलर फोर्टुनाटो फ्रैंको का निधन हो गया है। वह 84 साल के थे। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ ने इस बात की पुष्टि की है। हालांकि, उनका निधन किस वजह से हुआ इसका पता नहीं चल सका है। फुर्टनाटो 1960 से 1964 तक भारतीय फुटबॉल के स्वर्णिम दौर का हिस्सा रहे थे। वह रोम ओलंपिक में भी भारतीय टीम का पार्ट रहे थे, लेकिन उस समय उनको कोई भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। 

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फ्रैंको ने भारत की तरफ से 26 मैच खेले। इनमें में 1962 का एशियाई कप भी शामिल है जिसमें भारत उप विजेता रहा था। वह मर्डेका कप में 1964 और 1965 में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीतने वाली टीम के भी सदस्य थे। उन्होंने हालांकि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1962 एशियाई खेलों के फाइनल में किया था जब भारत ने दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराया था। गोवा के रहने वाले फ्रैंको घरेलू स्तर पर मुंबई के टाटा फुटबॉल क्लब की तरफ से खेला करते थे। आईएफएफ अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, महासचिव कुशल दास और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

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एआईएफएफ से जारी बयान में पटेल ने कहा, ”यह सुनकर काफी दुख हुआ कि फ्रेंको नहीं है। वे भारतीय फुटबॉल की स्वर्णिम पीढ़ी के सदस्य थे जिन्होंने 1962 में भारत को स्वर्ण पदक जीताने में शानदार भूमिका निभाई थी।’ कुशल दास ने अपने बयान में कहा, ‘वह दिग्गज फुटबॉलर थे जो कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहे हैं। उनके परिवार के प्रति हमारी संवेदनाएं। हम उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।’ आईओए ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, ‘भारतीय ओलंपिक संघ महान फुटबॉलर, भारतीय टीम के मध्यपंक्ति के पूर्व ओलंपियन और 1962 में जकार्ता एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य फ्रेंको के निधन पर शोक व्यक्त करता है।’
 



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