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मात्र एक साल में दूसरी बार कोरोना संक्रमण को मात देने के बाद अस्पताल के कर्मियों ने 104 वर्षीय महिला का जबरदस्त स्वागत किया. कोलंबिया के एक अस्पताल में उसे डिस्चार्ज किए जाने से पहले डॉक्टर और नर्स कर्मन हरनानडेज का तालियों से उत्साह बढ़ाने के लिए कॉरीडोर में खड़े हो गए.

104 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने दूसरी बार कोरोना को दी मात

महिला पहली बार कोरोना वायरस से संक्रमित पिछले साल जून में हुई थी और इलाज के लिए 25 दिन अस्पताल में रहना पड़ा था. लेकिन टीकाकरण के बाद एक बार फिर 8 मार्च को बुजुर्ग महिला कोरोना वायरस की चपेट में आ गई. इस बार संक्रमण का इलाज कराने के लिए भर्ती होने के बाद उसने अस्पताल के आईसीयू में 21 दिन बिताए.

अस्पताल के स्टाफ ने डिस्चार्ज होने पर तालियों से किया स्वागत

सोमवार को ट्रॉली बेड पर हवादार प्लास्टिक में ढंकी महिला को अस्पताल से एंबुलेंस में होम केयर ले जाया गया. इस दौरान पीपीई किट पहने करीब एक दर्जन स्टाफ ने उसे विदाई दी.

होम केयर की एक हेल्थ केयर वर्कर गिना गोमेज ने कहा, “महिला पहले ही उत्कृष्ट शारीरिक क्षमता के साथ एक बुजुर्ग मरीज है क्योंकि उसने दोबारा वायरस से संघर्ष किया है.” अस्पताल के डायरेक्टर का कहना था कि मुख्य रूप उसकी काफी आयु के कारण बुजुर्ग मरीज उनके लिए एक उम्मीद है. बताया जाता है कि महिला की बेटी की 70 साल है और उसने पहले स्किन कैंसर का सफतलापूर्वक मुकाबला किया था.

हरनानडेज कोविड-19 को हराने वाली पहली 100 वर्षीय महिला नहीं है. जनवरी में हिल्दा ब्राउन नामी 109 वर्षीय महिला अपने 110 साल पूरा करने से पहले ठीक हो गई. 108 वर्षीय अन्ना डेल नामी बुजुर्ग महिला ने एक सदी पहले स्पेनिश फ्लू से बच रहने के बाद पिछले साल कोविड-19 को मात दिया था. ठीक होने के बाद पिछले साल उन्होंने कहा था, “मैं अच्छा महसूस कर रही हूं. शुक्र है खुदा का कि मैं जीवित हूं.”

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