colour coded stickers on mumbai vehicles 1618756076


कोरोना की दूसरी लहर ने देश भर को अपने चपेटे में ले लिया है, खास कर महाराष्ट्र का मुंबई शहर इससे ज्यादा प्रभावित दिख रहा है। देश की इस औधोगिक नगरी में हर रोज हजारों की संख्या में सक्रमित पाए जा रहे हैं। कोरोना के इस कहर के बीच मुंबई पुलिस नए मामलों (पॉजिटिव केसेस) पर अंकुश लगाने के लिए वाहनों के लिए कलर कोडिंग सिस्टम लेकर आई है। ताकि लोग बेवजह घरों से बाहर न निकलें और कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन करें। 

इसी उद्देश्य से मुंबई पुलिस ने लाल, हरे और पीले रंग के स्टिकर जारी किए हैं। मुंबई पुलिस के अनुसार ये नया कलर कोडिंग स्टीकर सिस्टम कोरोनो  के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने में मददगार साबित होगा। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए COVID-19 के नियमों का सख्ती से पालन करवाया जा सके। तो आइये जानते हैं क्या है क्या है इन कलर्ड स्टिकर्स का मतलब- 

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दरअसल, 6 इंच के सर्किल में बने इन कलर्ड स्टिकर्स का प्रयोग वाहनों पर किया जाएगा। ताकि वाहनों को उनके प्रयोग के अनुसार चिन्हित किया जा सके। ये स्टिकर चेक-प्वाइंट्स और टोल प्लाजाओं पर निशुल्क उपलब्ध हैं। 
 

रेड स्टिकर: सुर्ख लाल रंग के इस स्टिकर का प्रयोग ऐसे वाहनों पर किया जाएगा जिनका इस्तेमाल हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स जैसे कि डॉक्टर्स, मेडिकल स्टॉफ, एंबुलेंस और मेडिकल इक्यूपमेंट सप्लायर्स या स्वास्थ सेवाओं से जुड़े लोगों द्वारा किया जाएगा। मौजूदा समय को देखते हुए स्वास्थ सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए ये स्टिकर बेहद ही कारगर साबित होगा। 

ग्रीन स्टिकर: हरे रंग के इस स्टिकर का इस्तेमाल उन वाहनों पर किया जाएगा, जो रोजमर्रा के जरूरत के सामान जैसे भोजन, सब्जियां, फल, किराने का सामान और डेयरी उत्पादों जैसे आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में शामिल हैं। ताकि शहर में आसानी से बिना किसी रूकावट के लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाए जा सकें। 

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येलो स्टिकर: पीला या ऑरेंज कलर जैसे दिखने वाले इस स्टिकर का इस्तेमाल अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। जानकारी के अनुसार बृहन्मुंबई नगर निगम या बीएमसी के अधिकारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले वाहन, आवश्यक सेवाओं, बिजली और दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों या मीडिया से जुड़े लोग इस स्टीकर का प्रयोग करेंगे। 

स्टिकर का दुरुपयोग करने पर होगी सख्त कार्यवाही: 

मुंबई पुलिस कमिश्नर हेमंत नागराले ने मीडिया को बताया कि, इन स्टिकरों का इस्तेमाल केवल वही लोग कर सकते हैं जिन्हें नामित या जारी किया जाएगा। इसके अलावा यदि कोई अन्य व्यक्ति इन स्टिकरों का दुरुपयोग करता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। यहां तक आरोपी के खिलाफ मामला भी दर्ज किया जा सकता है। 

अनावश्यक यात्रा पर अंकुश लगाना है उद्देश्य: महाराष्ट्र में नए COVID-19 के मामलों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। हाल ही में मुंबई में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए वहां की राज्य सरकार ने नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन और अब मिनी लॉकडाउन तक को लागू किया, लेकिन बावजूद इसके कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में कलर कोडिंग स्टिकर की शुरूआत से अनावश्यक यात्रा पर अंकुश लगने की कोशिश की जा रही है। 

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By admin

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