bajrang punia 1569517701


भारतीय पहलवान रवि कुमार दहिया ने मजबूत प्रदर्शन से अपना एशियाई चैम्पिनशिप खिताब बरकरार रखा, लेकिन बजरंग पूनिया को कोहनी की चोट की वजह से शनिवार को ताकुतो ओटोगुरो के खिलाफ फाइनल से हटने के कारण रजत पदक से संतोष करना पड़ा। बजरंग ने पीटीआई से कहा कि वह अपनी दाईं कोहनी की चोट को बढ़ाना नहीं चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें कोरिया के योंगसियोक जियोंग के खिलाफ क्वार्टरफाइनल के दौरान दर्द होना महसूस हुआ था। उन्होंने कहा, ‘जब मैं कोरियाई खिलाड़ी को खींच रहा था तो मेरी कोहनी में दर्द होने लगा था। विश्व चैम्पियनशिप के दौरान मुझे इसी कोहनी में चोट लगी थी। कोचों ने सलाह दी कि मुझे जोखिम नहीं लेना चाहिए क्योंकि ओलंपिक करीब है इसलिए मैंने हटने का फैसला किया।’  

मीराबाई चानू ने क्लीन व जर्क में विश्व रिकॉर्ड बनाया, एशियाई चैम्पियनशिन में जीता कांस्य पदक

बजरंग को 65 किग्रा भार वर्ग के शुरुआती मुकाबले में कोरिया के योंगसियोग जियोंग पर जीत दर्ज करने में कोई परेशानी नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मंगोलिया के बिलगुन सरमानदाख को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। बजरंग 2018 विश्व चैम्पियनशिप के खिताबी मुकाबले में और पिछले साल एशियाई चैम्पियनशिप के फाइनल में ओटोगुरो से हार चुके हैं। फाइनल में वह जापानी पहलवान के खिलाफ खुद के प्रदर्शन को देख सकते थे लेकिन उनके हटने से ऐसा नहीं हो सका। रवि दहिया ने हालांकि शानदार प्रदर्शन से इस चरण में भारत को पहला फ्रीस्टाइल स्वर्ण पदक दिलाया। 57 किग्रा में प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उनका स्टैमिना और आक्रामकता काफी अच्छी रही। एक साल बाद मैट पर वापसी करने वाला यह पहलवान अंतिम टूर्नामेंट नई दिल्ली में इसी प्रतियोगिता में खेला था जिसमें उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था।

कोरोना की चपेट में आए खेल मंत्री कीरेन रीजिजू, ट्वीट कर दी जानकारी

उन्होंने पहले दौर में उज्बेकिस्तान के नोदिरजोन सफरोव को 9-2 से हराया। इसके बाद उन्होंने फलस्तीन के अली एम एम अबुयमैला को हराकर फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने फाइनल में ईरान के अलीरेजा नोसरातोलाह सरलॉक को 9-4 से हराकर पहला स्थान प्राप्त किया। करण ने कोरिया के सेयुंगबोंग ली पर 3-1 की जीत से 70 किग्रा का कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने ईरान के अमीरहुसैन अली हुसैनी पर 3-1 की जीत से क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया था लेकिन अगला मुकाबला कजाखस्तान के सिरबाज तलगत से 0-6 से हार गए। वह रेपेचेज के जरिये पदक दौर में पहुंचे। नरसिंह पंचम यादव (74 किग्रा) और सत्यव्रत कादियान (97 किग्रा) सेमीफाइनल में हार गये और अब कांस्य पदक के लिये मुकाबला करेंगे। कादियान ने किर्गीस्तान के अर्सलानबेक तुरदुबेकोव को 8-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया और फिर उज्बेकिस्तान के मुखमादरासुल रखिमोव को 4-1 से पराजित किया लेकिन सेमीफाइनल में वह ईरान के अली खालिल से हार गए।



Source link

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *