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शुक्रवार को भारत म्यांमार हिंसा पर अपनी चुप्पी तोड़ दी. भारत ने म्यांमार हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इससे ना सिर्फ राजनीतिक स्थिरता पर गहरा प्रभाव पड़ेगा, बल्कि सीमाओं पर तनाव और ज्यादा बढ़ेगा. यूएन में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत के. नागराज नायडू ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक के दौरान कहा, “भारत म्यांमार में हुई हिंसा की निंदा करता है. वहां हुए जानमाल के नुकसान की भी भर्त्सना करता है. वहां जो कुछ भी हुआ वो नहीं होना चाहिए था.” उन्होंने आगे कहा, “ऐसे समय में अधिक संयम का पालन करने की जरूरत है, साथ ही मानवीय सिद्धांतों को बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है.”

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत और म्यांमार के बीच रिश्ता बेहद गहरा है और हम चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच दोस्ती और गहरी हो. उन्होंने आगे कहा, “ऐसे समय में यह तय किया जाना चाहिए कि स्थिति कैसे नियंत्रण में आए. साथ ही साथ इसका शांतिपूर्ण समाधान भी निकाला जाना चाहिए ताकि तनाव और ना बढ़े.” उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते कि सीमा पर किसी भी प्रकार का तनाव उत्पन्न हो और ऐसे में हमें इसके बारे में गंभीरता से सोचने की जरूरत है.”

टी.एस. तिरुमूर्ति ने की थी खास अपील 

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने पिछले सप्ताह म्यांमार में सुरक्षा बलों द्वारा बच्चों और युवाओं सहित दर्जनों नागरिकों की हत्या करने पर निंदा व्यक्त की थी. वहीं, भारत की ओर से टी.एस. तिरुमूर्ति ने म्यांमार में हो रही हिंसा को रोकने के लिए शांति से हल करने के पर जोर दिया. बता दें कि 1 फरवरी को म्यांमार की सेना ने देश की सरकार को गिरा दिया और एक साल के लिए सत्ता पर कब्जा कर लिया था. इसके साथ ही देश के शीर्ष राजनीतिक हस्तियों को हिरासत में लिया गया, जिसमें आंग सान सू की और राष्ट्रपति यू विन म्यिंट शामिल हैं.

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