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1-3 साल की उम्र में बच्चों के लिए विकास का महत्वपूर्ण समय होता है. दूध छुड़ाने के बाद बच्चे ठोस फूड खाना शुरू करते हैं. उन्हें अभिभावकों की तरफ से अभी भी सलाह की जरूरत होती है कि बच्चों को क्या खिलाया जाए और क्या नहीं. जानिए ये चंद फूड बच्चों को कभी नहीं खिलाएं.

नट्स और सीड्स से बचाएं

बच्चे हर वक्त भूख महसूस करते हैं क्योंकि उनके तेजी से बढ़ रहे शरीर को कैलोरी की जरूरत होती है. बच्चे अपने अभिभावकों को खाते हुए देखकर सब कुछ खाने की कोशिश कर सकते हैं, बिना ये जाने कि उनके लिए क्या सुरक्षित है. नट्स बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है क्योंकि दम घुटने का खतरा रहता है. बच्चों का दांत विकसित नहीं हुआ होता है और नट्स या सीड्स चबाने में सक्षम नहीं होंगे. उनकी ग्रास नलि भी पतली होती है और घातक रुकावटों की वजह बन सकता है.

मसालेदार और ऑयली फूड

बच्चों के भोजन में धीरे-धीरे मसाले शामिल करने की सलाह दी जाती है जिससे उनको एंटी ऑक्सीडेंट्स मुहैया हो सके. बहुत ज्यादा मसाले, मिर्ची वाली डिश से बचा जाए. ये फूड एसिड रिफ्लक्स, पेट की जलन और पाचन की खराबी की वजह बन सकते हैं.

साबुत सब्जी और फल

सब्जी जैसे गाजर, फल जैसे अंगूर बच्चों के लिए घुटन का जोखिम रखते हैं. इसलिए बेहतर है कि अच्छे से कटा हुआ और उबला गाजर या अन्य फल दें जिसको बच्चे आसानी से चबा सकें. संक्षिप्त में फूड्स का बड़ा हिस्सा देने से बचा जाना चाहिए.

गैस मिश्रित सॉफ्ट ड्रिंक्स

ये न सिर्फ बच्चों के लिए गैर सेहतमंद विकल्प हैं बल्कि व्यस्कों के लिए भी है. दांत में मौजूद बैक्टीरिया गैस मिश्रित ड्रिंक्स की अत्यधिक शुगर के साथ प्रतिक्रिया करता है और एसिड का निर्माण करता है जो दांत के बाहरी आवरण को नुकसान पहुंचाता है. बार-बार सोडा का सेवन दंत क्षय की वजह भी बन सकता है.

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