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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को अपने अभिभाषण के बाद सदन से लौट रहे राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय के साथ कांग्रेस के कुछ विधायकों ने कथित तौर पर हाथापाई की। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कांग्रेस के पांच विधायकों को निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं, इन निलंबित विधायकों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। 

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बाहर राज्यपाल को रोकने की कोशिश के लिए सभी पांच निलंबित विधायकों के खिलाफ शिमला के बोइयालगंज पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब विपक्षी सदस्यों ने राज्यपाल के साथ कथित तौर पर हाथापाई की। 

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि सत्र के बाद जब राज्यपाल अपने वाहन के पास जा रहे थे तब सदन में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन चौहान, सुंदर सिंह ठाकुर, सत्यपाल रायजादा और विनय कुमार ने उनके साथ हाथापाई की। इसके बाद सुरेश भारद्वाज ने कांग्रेस के पांच विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव सदन में पेश किया,  जिस पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। 

इससे पहले विधानसभा सत्र शुरू होते ही पूर्वाह्न 11 बजे सदन में विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में कांग्रेस के सदस्य अपनी सीट से खड़े हो गए और नोरबाजी करने लगे। हंगामे के बीच, राज्यपाल ने अपने अभिभाषण की केवल आखिरी पंक्ति पढ़ी और कहा कि बाकी का भाषण पढ़ा हुआ माना जाए।

कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि अभिभाषण झूठ से भरा था। उन्होंने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी जैसे मुद्दों को अभिभाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बजट सत्र 20 मार्च को संन्न होगा। दूसरी ओर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कांग्रेस के इस व्यवहार की निंदा की और कहा कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं थी।





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