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कोरोना के खिलाफ जंग में उम्मीद की नई किरण जगी है। रियल वर्ल्ड में बड़े पैमाने पर हुए पहले अध्ययन में फाइजर-बायोएनटेक की ओर से विकसित कोविड-19 टीका कोरोना की रोकथाम में 94 फीसदी असरदार मिला है। विशेषज्ञ इसे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटाने के लिए लॉकडाउन हटाने की जद्दोजहद में जुटे पश्चिमी देशों के लिए बड़ी राहत करार दे रहे हैं।

‘न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन’ में बुधवार को प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कहा, कोविड-19 टीके से पैदा होने वाली प्रतिरोधक क्षमता को लेकर अभी तक जो भी डाटा उपलब्ध था, वह नियंत्रित परिस्थितियों में किए गए क्लीनिकल परीक्षण पर आधारित था। इससे रियल वर्ल्ड, जहां तापमान-आर्द्रता सहित अन्य पैमाने स्थिर नहीं होते, वहां वैक्सीन के प्रभाव को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। 

हालांकि, इजरायल में 12 लाख लोगों पर हुआ ताजा अध्ययन दिखाता है कि फाइजर के टीके की दो खुराक सभी आयु वर्ग में कोरोना के मामलों में 94 फीसदी तक की कटौती करने में सक्षम है। इसकी पहली खुराक से ही दो हफ्ते में 57 फीसदी प्रतिरोधक क्षमता हासिल हो जाती है। अध्ययन में फाइजर के टीके को सार्स-कोव-2 संक्रमण के गंभीर मामलों में भी 90 फीसदी से अधिक कमी लाने में कारगर पाया गया है।

क्लीनिकल परीक्षण में 95% प्रभावी मिला था

क्लैलिट रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से किए गए इस अध्ययन के नतीजे क्लीनिकल परीक्षण में प्राप्त डाटा की तस्दीक करते हैं। क्लीनिकल परीक्षण में फाइजर-बायोएनटेक के टीके को कोरोना की रोकथाम में 95 फीसदी प्रभावी पाया गया था।

ब्रिटेन में मिले नए स्वरूप से भी लड़ने में कारगर 

अध्ययन में फाइजर का टीका ब्रिटेन में मिले सार्स-कोव-2 वायरस के नए स्वरूप से भी लड़ने की क्षमता पैदा करने में कारगर मिला है। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका में कहर बरपा रहे स्वरूप पर यह असरदार होगा या नहीं, इसका खुलासा नहीं किया गया है।

किसमें कितना दम

टीका : बचाव में कारगर

-कोविशील्ड (ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका) : 60-70%

-एम-आरएनए टीका (मॉडर्ना) : 94.1% 
-स्पत्निक V (गामालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट, रूस) : 92% 
(नोट : आंकड़े क्लीनिकल परीक्षण में किए गए दावे पर आधारित)

प्रभाव के मायने यूं समझें

-अगर किसी टीके के 80 फीसदी प्रभावी होने का दावा किया जा रहा है तो इसका मतलब है कि अगर पूर्व में कोरोना वायरस की चपेट में नहीं आए 100 लोगों को वैक्सीन की जरूरी खुराक दी जाती है तो इनमें से औसतन 80 को यह संक्रमण नहीं होगा।

एक खुराक वाली वैक्सीन ने भी जगाई उम्मीद

-अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्राधिकरण ने 44 हजार लोगों पर हुए अध्ययन में जॉनसन एंड जॉनसन के एक खुराक वाले कोविड टीके को गंभीर स्तर का संक्रमण रोकने में 85 फीसदी प्रभावी पाया था। प्रतिभागियों में टीकाकरण के 14 दिन बाद प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती मिली थी।

दो हफ्ते में आएगा कोवैक्सीन का डाटा

-भारत बायोटेक अगले दो हफ्ते में कोवैक्सीन के तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के नतीजे सार्वजनिक करेगी। भारतीय औषधि महानियंत्रक ने जनवरी में आपात स्थितियों में कोवैक्सीन के सीमित इस्तेमाल को मंजूरी दे दी थी। यह मंजूरी दूसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण पर आधारित थी।

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