Jyotiraditya Scindia digvijay singh


नई दिल्ली: तीन नए कृषि कानूनों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष में तकरार जारी है. इस बीच आज राज्यसभा में तीन नए कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया आमने सामने आ गए.

दरअसल, राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए सिंधिया ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले छह सालों में उनकी आय बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठाये गये हैं.

सिंधिया ने नए कृषि कानूनों का बचाव करते हुए कहा कि किसान देश के लिए रीढ़ की हड्डी और अन्नदाता हैं और वे अपना ही नहीं पूरे विश्व का पेट भरते हैं. उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून इसलिए लाए गए ताकि उनकी प्रगति हो सके. उन्होंने कहा कि देश को राजनीतिक आजादी करीब 70 साल पहले मिल गयी थी लेकिन किसानों को उनकी वास्तविक आजादी नहीं मिल पायी.

ज्योतिरादित्य सिंधिया कहा कि 2019 का कांग्रेस का चुनावी घोषणापत्र पढ़ें. उस समय के हमारे कृषि मंत्री शरद पवार साल 2010 में हर एक मुख्यमंत्री को उन्होंने पत्र लिखा. इसी संदर्भ में. जुबान बदलने की आदत हमें बदलनी होगी. चित्त भी मेरा, पट भी मेरा.

सिंधिया के भाषण खत्म होते ही दिग्विजय सिंह सदन में खड़े हुए. उन्होंने कहा, ”सभापति महोदय मैं आपके माध्यम से माननीय सिंधिया जी को धन्यवाद देता हूं. जितने अच्छे ढ़ंग से वे यूपीए सरकार (मनमोहन सिंह की सरकार) में सरकार का पक्ष रखते थे. उतने ही अच्छे ढ़ंग से उन्होंने आज बीजेपी का पक्ष रखा. आपको बधाई हो. वाह जी महाराज वाह.”

दिग्विजय सिंह के बयान के बाद सिंधिया ने कहा सब आपका आशीर्वाद है. इसपर दिग्विजय सिंह ने कहा कि हमेशा आशीर्वाद रहेगा. आप जिस भी पार्टी में रहें. आगे भी जो हो. हमारा आशीर्वाद आपके साथ रहेगा.

बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया लंबे समय तक कांग्रेस में रहे. हालांकि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से तकरार के बाद उन्होंने कांग्रेस से पिछले साल इस्तीफा दे दिया था. साथ ही उन्होंने कांग्रेस के कई विधायकों को अपने पाले में कर लिया. इसके बाद कमलनाथ की सरकार गिर गई. बाद में बीजेपी ने सिंधिया को राज्यसभा भेज दिया.

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