remo dsouza 1612710365


कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर रेमो डिसूजा को बहुत कम उम्र में रेसिज्म का शिकार होना पड़ा था। रेमो ने बताया कि लोग उनके कलर को लेकर कमेंट किया करते थे। शुरुआत में उन्होंने इसे इग्नोर किया था, लेकिन अब उन्हें लगता है कि उन्हें उस वक्त स्टैंड लेना चाहिए था। 

रेमो का कहना है कि जब लोग उनके रंग को लेकर कमेंट करते थे, तो उन्होंने कभी बुरा नहीं माना बल्कि लोगों के कमेंट्स ने उन्हें और हार्ड वर्क करने के लिए मोटिवेट किया, जिसकी बदौलत वह एक आज एक पॉजिशन पर पहुंचे हैं। रेमो ने बताया कि रेसिज्म एक रिएलिटी है जो आज भी छोटे कस्बों और गावों में मौजूद है।

नव्या नवेली नंदा के साथ रिलेशनशिप में हैं मीजान? जावेद जाफरी ने बताई सच्चाई

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान रेमो ने कहा, ”मैंने बचपन से ही अपनी त्वचा के रंग के कारण नस्लवाद और पूर्वाग्रह का सामना किया है। यह एक ऐसा सच है जिसे मैंने डील किया और विदेश यात्रा के दौरान भी मैंने इसका इसका अनुभव किया। जब मैं बड़ा हो रहा था, तो लोग मेरे कलर को लेकर टिप्पणी करते थे। मैं इसे सिर्फ इसलिए अनदेखा कर देता था क्योंकि मुझे लगता था कि वे ऐसा कह रहे हैं क्योंकि मैं शायद ऐसा ही दिखता हूं।”

चौथी बार पिता बनने जा रहे सैफ अली खान ने समझाया पैटरनिटी लीव का महत्व, बताया क्यों जरूरी है बच्चों संग वक्त बिताना

रेमो डिसूजा ने आगे कहा, ”आखिरकार, जब मैं बड़ा हुआ तो मैं समझ गया कि यह गलत था और मैं उन्हें इन नामों से बुलाने दे रहा था जो और भी बुरा था। अब मैं इसके लिए स्टैंड लेता हूं। मुझे यह भी लगता है कि मेरे रंग पर उन टिप्पणियों ने मुझे आगे बढ़ने में मदद की और मुझे वो बनाया जो आज मैं हूं। एक बात कहना चाहता हूं रेसिज्म आज भी है। अगर आप गांव और छोटे कस्बों मे जाएंगे तो आपको यह चीज जरूर देखने को मिलेगी।”





Source link

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *