भारत में अब इलेक्ट्रिक कारों का क्रेज थोड़ा बढ़ रहा है। सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग उपाय कर रही है। दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला (Tesla) भी भारतीय बाजार में एंट्री करने जा रही है। हालांकि अभी भी अधिकतर लोगों के मन में इन गाड़ियों से जुड़े कुछ सवाल और भ्रांतियां हैं। यहां हम आपको ऐसे ही 5 सवालों या कुछ हद तक कहें तो भ्रांतियो के जवाब देने जा रहे हैं। 

1. इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज होने में वक्त लगता है
किसी भी आम ग्राहक के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि वे कुछ ही मिनटों में फ्यूल डलवा सकते हैं पर एक इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने में बहुत देर लग जाती है। दरअसल आप साधारण 240V पावर आउटलेट के जरिए इलेक्ट्रिक वाहन को रातभर में या हर दूसरी, तीसरी रात को चार्ज कर सकते हैं।  इससे आपको पेट्रोल पंप या सीएनजी स्टेशनों पर लंबी लाइन से बचने को मिलेगा। इतना ही नहीं, वर्तमान सुपरचार्जर्स तो आपको 30 से 60 मिनट में फुल चार्ज दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, एमजी की फास्ट चार्जिंग 50 मिनट में ZS EV को 0% – 80% से ऊपर तक चार्ज कर देती है। 

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2. इलेक्ट्रिक गाड़ियां महंगी है
अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत काफी ज्यादा है, हालांकि भारत में यह तेजी से बदल रहा है। यहां सरकारें सब्सिडी के माध्यम से कीमत में कमी ला रही हैं। साथ ही इसके अलावा, यूएस में हुए एक सर्वे में सामने आया है कि ईवी में पेट्रोल से चलने कारों के मुकाबले आधी राशि खर्च होती है। इसकी मेनटेनेंस कॉस्ट भी कम है। कीमत की बात करें तो टाटा नेक्सॉन ईवी की कीमत 13.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है। इस कीमत पर आप एक मिड साइज एसयूवी ही खरीद पाते हैं। 

3. ईवी बैटरी महंगी हैं और इन्हें बार-बार बदलने की जरूरत पड़ती है 
वर्तमान में, ईवी बैटरी 241,000 किलोमीटर की ड्राइविंग के बाद 90% तक क्षमता रखती है। सामान्य भारतीय ड्राइवर इस दूरी को पूरा ही नहीं कर पाते। इसके अलावा कंपनियां भी बैटरी पर 8 साल तक की वारंटी दे रही हैं। उदाहरण के लिए, एमजी जेडएस ईवी 8 साल/1,50,000 किमी की वारंटी के साथ आती है। 

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4. इलेक्ट्रिक कार से लंबी दूरी पर नहीं जा सकते
इलेक्ट्रिक कार की कम बिक्री के पीछे एक वजह यह भी है कि लोगों को लगता है यह एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए सही नहीं है। हालांकि वर्तमान इलेक्ट्रिक कारों में 300 किमी. से ऊपर की रेंज मिल रही है। चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ जाने के बाद जल्द ही कोई व्यक्ति आराम से दिल्ली से चंडीगढ़ तक की यात्रा कर पाएगा। बता दें कि MG ZS EV में सिंगल चार्ज में 340 किलोमीटर और Tata Nexon Ev में 310 किमी तक की रेंज मिल जाती है। 

5. ईवी की स्पीड कम है 
जो लोग सोचते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहनों में कम स्पीड होती है उन्हें यह जानकर आश्चर्य होगा कि इलेक्ट्रिक कारों की भी रेस होती है। इसमें आपकी उम्मीद से भी ज्यादा एक्सीलरेशन होता है। उदाहरण के लिए, एमजी जेड एस ईवी 8.5 सेकंड में 0-100 किमी/घंटा की स्पीड पकड़ लेती है। इसी प्रकार टाटा मोटर्स की नेक्सॉन ईवी यह रफ्तार 9.9 सेकेंड में पा लेती है। इसकी टॉप स्पीड भी 120kmph की है। 

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