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Success Story Of IAS Topper Deepak Jewariya: यूपीएससी को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. इसमें भी अगर कैंडिडेट हिंदी माध्यम से परीक्षा देने का फैसला करता है तो उसके लिए ये सफर और भी मुश्किल हो जाता है. हिंदी माध्यम के कैंडिडेट्स का अनुभव बताता है कि इस मीडियम में स्टडी मैटीरियल कम मिलता है या मुश्किल से अरेंज हो पाता है. ऐसे में कोई कैंडिडेट अगर हिंदी माध्यम से परीक्षा दे रहा है और एक नहीं दो-दो बार सेलेक्ट हो रहा है तो उसमें कोई बात तो जरूर है. कुछ ऐसे ही खास हैं हमारे आज के कैंडिडेट दीपक कुमार जेवारिया. दीपक ने दो बार यूपीएससी सीएसई परीक्षा दी और दोनों बार सेलेक्ट हुए. पहली बार के सेलेक्शन से उन्हें इंडियन डिफेंस और एकाउंट सर्विस एलॉट हुई और दोबारा के सेलेक्शन से मिला आईपीएस पद. दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में दीपक ने अपनी यूपीएससी जर्नी की खास बातें शेयर की जो हिंदी माध्यम के कैंडिडेट्स के लिए मददगार सिद्ध हो सकती हैं.

बेसिक बुक्स से की शुरुआत –

दीपक सबसे पहली बात तो यह कहते हैं कि भले आप हिंदी माध्यम के स्टूडेंट हों या इस माध्यम से परीक्षा दे रहे हों लेकिन आपको इतनी इंग्लिश तो आनी ही चाहिए कि सामान्य किताबें और अंग्रेजी न्यूज पेपर में लिखी भाषा को भली प्रकार समझ सकें. जाहिर सी बात है अगर आप समझेंगे तो उसे अपनी भाषा में लिख भी पाएंगे. इसलिए इस लेवल के अंग्रेजी ज्ञान को आत्मसात करने के लिए हमेशा तैयार रहें.

दीपक ने तैयारी की शुरुआत में सबसे पहले बेसिक बुक्स और एनसीईआरटी की किताबों को चुना और अच्छे से पढ़ा. दीपक मानते हैं कि जब तक आपका बेसिक नहीं क्लियर होगा तब तक आपको आगे की पढ़ाई समझ में नहीं आएगी. इसलिए शुरुआत पहले पायदान से करें.

यहां देखें दीपक जेवारिया द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया इंटरव्यू 

सिलेबस से निकालें की-वर्ड्स –

दीपक अगला जरूरी बिंदु सिलेबस को मानते हैं. वे कहते हैं कि इसमें दिए सभी की-वर्ड्स को सर्च कर डालें और सबके लिए स्टडी मैटिरियल सीमित संख्या में इकट्ठा करें. सीमित संख्या इसलिए ताकी बाद में रिवाइज करते समय किताबों का अंबार सामने न खड़ा हो. किताबें देखने के बाद पिछले साल के प्रश्न-पत्र निकालकर इस बात का भी आइडिया ले लें कि किस विषय से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं. सिलेबस पता होना और बात है और उससे कैसे प्रश्न बनते हैं ये और बात. इसलिए पेपर पैटर्न जरूर देखें.

अगली जरूरी बात दीपक नोट्स को मानते हैं और यह सलाह देते हैं कि आप खुद नोट्स बनाने में समय की कमी या किसी और वजह से सक्षम नहीं हैं तो बहुत सी कोचिंग्स में नोट्स उपलब्ध कराए जाते हैं, वहां से नोट्स ले लें, ये तैयारी में मदद करते हैं.

आपकी गलती बताने वाले लोगों के संपर्क में रहें –

दीपक मानते हैं कि यूपीएससी एक ऐसी परीक्षा है जिसको पास करने के लिए आपको निरंतर खुद में सुधार करना पड़ता है. कई बार बहुत सजग रहने के बावजूद एक टाइम के बाद हम अपनी कमियां समझ नहीं पाते. ऐसे में हमारे सीनीयर, मेंटर या टीचर काम आते हैं जो हमें हमारी कमियों से परीचित कराते हैं. इनमें से कोई न हो तो कम से कम दोस्तों का एक ग्रुप तो आपके पास होगा ही जो इस परीक्षा की तैयारी कर रहा होगा, उनकी मदद लें. उनसे पूछें कि आपमें कहां सुधार की गुंजाइश है और उनसे मिले फीडबैक को खुले दिल से स्वीकार तो करें ही साथ ही उन्हें सुधारने पर भी काम करें. आंसर लिखकर उन्हें दिखाएं और उनकी राय मांगे कि इन्हें और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है.

अपने अंदर की क्षमताएं पहचानें –

अंत में दीपक यही कहते हैं कि यह सच है कि यह देश की सबसे कठिन परीक्षा है पर इसे पास करने के लिए आपको अपना नजरिया बदलना होगा. आप खुद से ये कहें कि भले यह परीक्षा कितनी भी कठिन हो पर मेरे अंदर इसे पास करने की क्षमता है. अपनी क्षमताओं को पहचानें और उन्हीं के हिसाब से कार्य करें.

दीपक आगे कहते हैं कि पहले के समय में हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स को बहुत ज्यादा दिक्कतें होती थी लेकिन जब से इंटरनेट आया है बहुत आराम हो गया है. चाहे स्टडी मैटीरियल हो, चाहे मोटिवेशनल वीडियोज एक क्लिक पर आपको सब मिल जाएगा. एक तरफ जहां आप पढ़ाई से संबंधित सब मैटिरियल इकट्ठा कर सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ निराश महसूस  करने पर इन वीडियोज की सहायता से प्रेरणा भी पा सकते हैं. इसलिए मीडियम आदि की चिंता छोड़ सही दिशा में प्रयास करें, सफलता जरूर मिलेगी.

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