शेयर बाजार आज इतिहास रचते हुए 50,096 के स्तर पर खुला और बाद में 50,184.01के नए शिखर पर पहुंच कर फिसल गया। वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। आज यानी गुरुवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 167 अंकों की बड़ी गिरावट के साथ 49,624.76 के स्तर पर बंद हुआ। आज सुबह यह यह 304 अंकों की उछाल के साथ 50096 के स्तर पर खुला था।  वहीं NSE का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी की शुरुआत हरे निशान के साथ हुई। निफ्टी आज 14,730 के स्तर पर खुला और 54.35 अंकों के नुकसान के साथ 14,590.35 के स्तर पर बंद हुआ।

शेयर बाजारों ने फ्यूचर रिटेल के खुदरा परिसंपत्तियों के बिक्री सौदे को मंजूरी दे दी है। फ्यूचर रिटेल 24,713 करोड़ रुपये में अपनी खुदरा परिसंपत्तियों की बिक्री मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस समूह को करने जा रही है। इससे रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 2.09 प्रतिशत चढ़ गया।   मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक मोतीलाी ओसवाल ने कहा कि महामारी के बार आर्थिक गतिविधियों में तेज सुधार की उम्मीद से बाजार में कुछ समय से मजबूती की धारणा है। ‘वैश्विक संकेतों के सकारात्मक होने , विदेशी संस्थागत निवेश का प्रवाह मजबूत बने रहने और कंपनियों के बेहतर तिमाही परिणाकों से उत्साह उंचा बना हुआ है।
 

उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है, कंपनियों का लाभ अच्छा दिखने, तरला की मजबूत स्थिति, कोरोना वैक्सीन के विकास के मार्चे पर सफलता, आर्थिक स्थित में सुधार का आधार व्यापक होने तथा ब्याज दरें नीचे रहने से यह तेजी आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।  जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ”सेंसेक्स का 50,000 अंक पर पहुंचना न केवल बाजार और निवेशकों बल्कि अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छी खबर है। बाजार अर्थव्यवस्था के ‘बैरोमीटर होते हैं। यदि यह सही है तो भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत सुधार की राह पर है। यदि वृद्धि के मोर्चे और कंपनियों की आमदनी में सुधार जारी रहता है, तो बाजार और ऊंचाई पर जाकर हैरान कर सकते हैं। 

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण है कि लघु अवधि की दृष्टि से बाजार का मूल्यांकन अधिक है। ऐसे में उच्चस्तर पर बाजार में ‘करेक्शन हो सकता है। जो बाइडन के अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद वैश्विक बाजारों में मजबूती का रुख था।  अन्य एशियाई बाजारों में चीन के शंघाई कम्पोजिट, दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और जापान के निक्की में लाभ रहा। हांगकांग के हैंगसेंग में गिरावट आई। 

शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख था। इस बीच, वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल 0.89 प्रतिशत के नुकसान से 55.58 डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। 
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया छह पैसे की बढ़त के साथ 72.99 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। यह इसका करीब पांच माह का उच्चस्तर है। यर बाजारों के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को शुद्ध रूप से 2,289.05 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। 

रसातल से 50 हजारी तक ऐसे पहुंचा सेंसेक्स

मालूम हो कि मार्च में निचले स्तर पर पहुंचने के बाद आठ अक्तूबर को सेंसेक्स 40 हजार के पार 40182 पर पहुंच गया था। वहीं पांच नवंबर को सेंसेक्स 41,340 पर बंद हुआ था। 10 नवंबर को इंट्राडे में इंडेक्स का स्तर 43,227 पर पहुंचा था, जबकि 18 नवंबर को 44180 और चार दिसंबर को इसने 45000 का आंकड़ा पार किया। नौ दिसंबर को सेंसेक्स पहली बार 46000 के ऊपर 46103.50 के स्तर पर बंद हुआ।

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14 दिसंबर 2020 को सेंसेक्स 46284.7 पर खुला। वहीं  21 दिसंबर को सेंसेक्स 47055.69 के स्तर पर पहुंच गया। अब 30 दिसंबर को सेंसेक्स अब तक के सर्वोच्च स्तर 47,807अंक तक चला गया था। इसके बाद नए साल में 48 हजार का स्तर पार करते हुए सेंसेक्स बुधवार 6 दिसंबर को 48616.66 के नए शिखर पर खुला था। 8 दिसंबर को सेंसेक्स  48797.97 के नए शिखर को छू लिया। जबकि 11 दिसंबर को शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स एक नए शिखर 49260.21  अंक पर पहुंच गया। वहीं 12 जनवरी को  49569.14 का आंकड़ा छुआ और अब 13 जनवरी को सेंसेक्स एक नए शिखर पर था और आज यानी 21 जनवरी को सेंसेक्स ने एक और इतिहास रचते हुए  50,184.01 के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया।



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